Spielbericht
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Spielort |
Kitzingen |
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Klasse |
U’liga |
Spieltag |
09.02.2003 |
Uhrzeit |
10.00 |
Mannschaftskampf
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Heim: SC Kitzingen I |
Gast: SC Mömbris I |
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Brett |
PaßNr |
Farbe |
DWZ |
Name |
Erg. |
PaßNr |
Farbe |
DWZ |
Name |
Zeit |
Erg. |
|
|
1 |
1 |
s |
2180 |
Kannenberg
K. |
1 |
1 |
w |
2088 |
Behl
Claus |
14.26 |
0 |
|
|
2 |
2 |
w |
1980 |
Degering
F. |
1 |
3 |
s |
1842 |
Susallek
Markus |
14.29 |
0 |
|
|
3 |
3 |
s |
2017 |
Gernert
I. |
0 |
2 |
w |
1865 |
Kemmerer
Toni |
14.00 |
1 |
|
|
4 |
4 |
w |
1960 |
Kwossek
G. |
0 |
4 |
s |
1912 |
Stadtmüller
Michael |
15.59 |
1 |
|
|
5 |
5 |
s |
1970 |
Basel
M. |
0,5 |
5 |
w |
1868 |
Simon Carlo |
13.40 |
0,5 |
|
|
6 |
8 |
w |
1919 |
Nußbaumer H. |
1 |
6 |
s |
1867 |
Kunkel Frank |
15.30 |
0 |
|
|
7 |
6 |
s |
2081 |
Gretzer
O. |
0,5 |
7 |
w |
1868 |
Reising
Bernhard |
12.20 |
0,5 |
|
|
8 |
9 |
w |
1809 |
Kwossek
M. |
0,5 |
8 |
s |
1813 |
Bathon
Gerhard |
12.00 |
0,5 |
|
Gesamtergebnis
|
4,5 |
|
|
3,5 |
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Bemerkungen: |
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Unterschrift: |
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Runde 6 |
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SC Kitzingen 05 |
SC Mömbris 1928 |
4,5 |
3,5 |
|
|
TSV Karlburg |
Sb Versbach |
3 |
5 |
|
|
SC SW Schweinheim |
SC Obernburg 1946 |
5 |
3 |
|
|
SV Heidingsfeld 1919 |
SK Bad
Neustadt |
5 |
3 |
|
|
SC 1929 Mainaschaff |
SC Unterdürrbach |
4 |
4 |
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Aktuelle Tabelle |
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|
1. |
SC Kitzingen 05 |
30 |
17 |
12 |
0 |
|
|
2. |
SC SW Schweinheim |
26 |
21 |
9 |
3 |
|
|
3. |
SC 1929 Mainaschaff |
28,5 |
19,5 |
8 |
4 |
|
|
4. |
SV Heidingsfeld 1919 |
24,5 |
23,5 |
7 |
5 |
|
|
5. |
Sb Versbach |
25 |
23 |
6 |
6 |
|
|
6. |
SC Mömbris 1928 |
25 |
23 |
6 |
6 |
|
|
7. |
SK Bad
Neustadt |
22 |
26 |
6 |
6 |
|
|
8. |
SC Unterdürrbach |
21,5 |
26,5 |
3 |
9 |
|
|
9. |
SC Obernburg 1946 |
19 |
29 |
2 |
10 |
|
|
10. |
TSV Karlburg |
17,5 |
30,5 |
1 |
11 |
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Kommentar zum Spieltag: Gegen den verlustpunktfreien Tabellenführer aus Kitzingen hatten wir heute eigentlich nichts zu verlieren. Im letzten Jahr konnten wir in ähnlicher Situation den Spitzenreiter und späteren Meister Schweinfurt überraschend besiegen. Der Mannschaftskampf wird diesmal erst spät gegen 15.30 entschieden. Es begann recht früh mit drei Unentschieden von Gerhard, Bernhard und Carlo, die Remisangebote wurden jeweils angenommen. Bei den restlichen fünf Partien waren scharfe und unklare Stellungen auf dem Brett. Um 14.00 hatte Toni (nun 4,5 aus 6) uns sogar mit 2,5 zu 1,5 in Führung gebracht. Die beiden ersten Bretter wurden nun ziemlich zeitgleich entschieden. Markus verlor und Claus versuchte alles in einem Turmendspiel das Kräftegleichgewicht zu halten, Kannenberg lies sich aber den Sieg nicht mehr nehmen. Dadurch stand es 3,5 zu 2,5 gegen uns, eine kleine Vorentscheidung war gefallen. In den beiden verbleibenden Partien waren kaum 1,5 Punkte möglich. Michael schaffte es jedoch in akuter Zeitnot die Partie umzudrehen und am Ende nach sechs Stunden als Sieger vom Brett aufzustehen. Frank hatte recht früh die schlechtere Stellung, musste aber erst gegen 15.30 die Waffen strecken. Mit etwas mehr Glück wäre heute die Sensation möglich gewesen. Unser nächster Gegner heißt Mainaschaff, eine ähnlich schwere Aufgabe. |